हार्द्धिक स्वागत

मेरे निजी ब्लॉग "मेरी नन्ही उड़ान " पर आप सबका हार्द्धिक स्वागत है.

आपकी अमूल्य प्रतिक्रियाओं की अभिलाषा है. ..हार्द्धिक आभार सहित...

आपका अपना - तन्वीर

Monday, 14 April 2014

ग़ज़ल 1 - सलाह



जब तलक ना आए वक्त, जुबाँ अपनी खामोश रखिए,
कोई कहता हो गर कुछ, हर बात को गौर से सुनिये।

बिन माँगे, बिन पूछे सलाह देते हैं, आज जहाँ वाले,
कुछ करने से पहले, जरा खुद से भी सलाह कीजिये।

दुःख भी है, संघर्ष भी है, गुरबत में मेरी तन्हाई भी है,
सोच के दर्द में ऐसा, जीवन से यूँ किनारा ना कीजिये।

हर एक चीज का, एक वक्त होता है जिन्दगी में,
जिसने हमें बनाया है, जरा उस खुदा पर यकीन कीजिये।

कब तलक रो-रोकर यूँ, आसुओं की लकीरें खींचते रहोगे ?
चन्द लम्हों की है ये जिन्दगानी, जरा हँसके बसर कीजिये।

हर राह आसाँ नहीं होती, न ही कोई मुश्किल होती है,
यकीं न आए गर तुम्हें, तो खुद चलकर देख लिजिये।

कहीं कोई गुल कुचल न जाएं तुम्हारे कदमों तले,
जिस राह से भी चलो तुम, जरा सम्भल कर चला कीजिये।

फुल नहीं काँटे मिले, रास्ते सभी तन्हा मिले “तन्वीर“,
इस गम में ना जलकर, जो भी मिले, प्यार से उसे कबुल कीजिये।
********************

निदा-ए-तन्वीर 
********************
ग़ज़लकार - (c)... तरुण कु. सोनी तन्वीर
ईमेल- tarunksoni.tanveer@gmail.com
वेब ब्लॉग - http://nanhiudaan.blogspot.com

1 comment:

  1. apki ghazal se muttasir hokar-
    kaho jo dil kahe magar hisab se,
    koi bura na man le tumhare javab se.

    ReplyDelete

Popular Posts

जल बचाओ -जीवन बचाओ

जल बचाओ -जीवन बचाओ
जल बचाओ -जीवन बचाओ. बेटी बचाओ- भ्रूण हत्या पाप है.

आपको मेरा ये रचना संसार कैसा लगा ?

Total Pageviews